बँधा पानी निरमला, जो टूक गहिरा होय।
साधु जन बैठा भला, जो कुछ साधन होय॥
रुका हुआ पानी भी निर्मल रहता है यदि वह पर्याप्त गहरा हो। इसी तरह साधु का एक स्थान पर बैठना भी अच्छा है, बशर्ते साधना गहरी हो।
साधु के लक्षण