जो तोकू काँटा बुवे, ताहि बोय तू फूल।
तोकू फूल के फूल है, वाकू है त्रिशूल॥
जो तुम्हारे लिए काँटे बोए, तुम उसके लिए फूल बोओ। तुम्हें फूल के बदले फूल ही मिलेंगे, जबकि उसके हिस्से त्रिशूल-सी पीड़ा आएगी। बुराई का उत्तर भलाई से देना ही श्रेष्ठ है।
वाणी और व्यवहार