गुरु मूरति आगे खड़ी, दुनिया भेद कछु नाहिं।
उन्हीं कूँ परनाम करि, सकल तिमिर मिटि जाहिं॥
गुरु की मूर्ति सामने खड़ी हो तो दुनिया का कोई भेद शेष नहीं रहता। उन्हीं को प्रणाम करने से सारा अंधकार मिट जाता है।
गुरु महिमा