हैवर गैवर सघन धन, छत्रपती की नारि।
तास पटेतर ना तुलै, हरिजन की पनिहारि॥
घोड़े, हाथी, अपार धन और छत्रपति की रानी—इन सबकी तुलना उस हरिभक्त की पनिहारिन से भी नहीं की जा सकती। भक्ति के आगे वैभव तुच्छ है।
साधु के लक्षण