निष्पक्षा की भक्ति है, निर्मोही को ज्ञान।
निर्द्वंद्वी की भक्ति है, निर्लोभी निर्बान॥
भक्ति निष्पक्ष की होती है और ज्ञान निर्मोही का। निर्द्वंद्व की भक्ति सधती है और निर्लोभी को ही निर्वाण मिलता है।
भक्ति और नाम-स्मरण