साधु भौरा जग कली, निशि दिन फिरै उदास।
टुक-टुक तहाँ विलंबिया, जहँ शीतल शब्द निवास॥
साधु भौंरा है और जगत कली। वह रात-दिन उदास घूमता रहता है और थोड़ी देर वहीं ठहरता है जहाँ शीतल शब्द का निवास हो।
साधु के लक्षण