साधु बिरछ सतज्ञान फल, शीतल शब्द विचार।
जग में होते साधु नहिं, जर भरता संसार॥
साधु वह वृक्ष है जिस पर सत्यज्ञान के फल लगते हैं और जिसके शब्द शीतल छाया देते हैं। यदि जगत में साधु न होते तो संसार जलकर भस्म हो जाता।
साधु के लक्षण