शीलवंत दृढ़ ज्ञान मत, अति उदार चित होय।
लज्जावान अति निछलता, कोमल हिरदा सोय॥
शीलवान हो, ज्ञान में दृढ़ हो, अत्यंत उदार चित्त हो, लज्जाशील और निष्कपट हो तथा कोमल हृदय वाला हो—यही साधु का स्वरूप है।
साधु के लक्षण