यह सब तच्छन चितधरे, अप लच्छन सब त्याग।
सावधान सम ध्यान है, गुरु चरनन में लाग॥
इन सब सद्गुणों को मन में धारण करे और सारे दुर्गुण त्याग दे। सावधानी और समता ही ध्यान है—मन गुरु के चरणों में लगा रहे।
गुरु महिमा