जब ही नाम हृदय धरयो, भयो पाप का नाश।
मानो चिनगी अग्नि की, परि पुरानी घास॥
जिस क्षण नाम हृदय में धारण किया, उसी क्षण पाप नष्ट हो गए—जैसे आग की चिंगारी पुरानी सूखी घास पर गिरते ही सब भस्म कर देती है।
भक्ति और नाम-स्मरण