जल ज्यों प्यारा माहरी, लोभी प्यारा दाम।
माता प्यारा बालका, भगति प्यारा नाम॥
जैसे मछली को जल प्यारा है, लोभी को धन, और माता को अपना बच्चा—वैसे ही भक्त को प्रभु का नाम प्यारा होता है। यह सहज और अटूट लगाव है।
भक्ति और नाम-स्मरण