जरा श्वान जोबन ससा, काल अहेरी नित्त।
दो बैरी बिच झोंपड़ा, कुशल कहाँ सो मित्त॥
बुढ़ापा कुत्ता है, यौवन खरगोश और काल नित्य शिकारी। दो शत्रुओं के बीच झोंपड़ा पड़ा है—हे मित्र, कुशल कहाँ से होगी?
काल और मृत्यु