माँगन मरण समान है, मति माँगो कोई भीख।
माँगन से तो मरना भला, यह सतगुरु की सीख॥
माँगना मृत्यु के समान है—किसी से भीख मत माँगो। सतगुरु की शिक्षा यही है कि हाथ फैलाने से मर जाना बेहतर है। स्वाभिमान और परिश्रम से जीना ही मनुष्य की शोभा है।
काल और मृत्यु