कहा किया हम आय कर, कहा करेंगे पाय।
इनके भये न उतके, चाले मूल गवाय॥
यहाँ आकर हमने किया क्या और वहाँ पहुँचकर क्या करेंगे? न इस लोक के रहे न उस लोक के—मूल पूँजी ही गँवाकर चल दिए। दोनों ओर से हाथ खाली।
उपदेश और चेतावनी