क्यों खोवे नरतन वृथा, परि विषयन के साथ।
पाँच कुल्हाड़ी मारही, मूरख अपने हाथ॥
विषयों के संग पड़कर यह मनुष्य-देह व्यर्थ क्यों खोता है? मूर्ख अपने ही हाथों पाँच विकारों की कुल्हाड़ी अपने ऊपर चला रहा है।
काल और मृत्यु