पत्ता बोला वृक्ष से, सुनो वृक्ष बनराय।
अब के बिछुड़े ना मिले, दूर पड़ेंगे जाय॥
पत्ता वृक्ष से बोला—हे वनराज, सुनो! अब बिछुड़ गए तो फिर मिलना न होगा, बहुत दूर जा पड़ेंगे। यह जीवन के अनिवार्य वियोग का मार्मिक चित्र है।
काल और मृत्यु