हम जाने थे खायेंगे, बहुत जिमि बहु माल।
ज्यों का त्यों ही रहि गया, पकरि ले गया काल॥
हम सोचते थे बहुत भोगेंगे, बहुत भूमि और बहुत धन जमा करेंगे। सब ज्यों का त्यों धरा रह गया और काल पकड़कर ले गया।
काल और मृत्यु