करता था सो क्यों किया, अब कर क्यों पछिताय।
बोया पेड़ बबूल का, आम कहाँ से खाय॥
जो किया वह सोच-समझकर क्यों नहीं किया, अब पछताने से क्या लाभ? बबूल का पेड़ बोकर आम खाने की आशा कैसे की जा सकती है? कर्म वैसा ही फल देता है।
उपदेश और चेतावनी