माया तजी तौ क्या भया, मानि तजि नहीं जाइ।
मानि बड़े मुनियर मिले, मानि सबनि को खाइ॥
माया छोड़ देने से क्या हुआ, यदि मान-अभिमान नहीं छूटा? अभिमान ने बड़े-बड़े मुनियों को निगल लिया—यह सबको खा जाता है।
माया और मोह