मैं भौंरो तोहि बरजिया, बन बन बास न लेय।
अटकेगा कहुँ बेलि में, तड़फि-तड़फि जिय देय॥
हे भौंरे, मैंने तुझे मना किया था कि वन-वन सुगंध मत ले। कहीं किसी बेल में अटक जाएगा और तड़प-तड़पकर प्राण देगा।
काल और मृत्यु