दीन गवाँयो दूनि संग, दुनी न चली साथ।
पाँच कुल्हाड़ी मारिया, मूरख अपने हाथ॥
दुनिया के संग में धर्म गँवा दिया और दुनिया साथ भी न चली। मूर्ख ने पाँच विकारों की कुल्हाड़ी अपने ही हाथों अपने ऊपर चला ली।
सत्संग और संगति