बड़ा हुआ सो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।
पँछी को छाया नहीं, फल लागे अति दूर॥
बड़ा होने से क्या लाभ, यदि खजूर के पेड़ जैसा हो—जो न पक्षी को छाया देता है और जिसके फल इतने ऊँचे लगते हैं कि किसी के काम नहीं आते। बड़प्पन उपयोगिता से है।
अहंकार और गर्व