भूखा-भूखा क्या करे, क्या सुनावे लोग।
भाँडा घड़ निज मुख दिया, सोई पूर्ण जोग॥
भूखा-भूखा कहकर लोगों को क्या सुनाते फिरते हो? जिसने यह देह रूपी पात्र गढ़ा और मुख दिया, वही भरने का प्रबंध भी करेगा। यही पूर्ण योग है—भरोसा।
दया और परोपकार