दाया कौन पर कीजिये, का पर निर्दय होय।
साईं के सब जीव है, कीरी कुंजर दोय॥
किस पर दया करें और किस पर निर्दय हों? चींटी हो या हाथी—सभी जीव उसी एक स्वामी के हैं। इसलिए दया में भेदभाव नहीं, सब पर समान करुणा होनी चाहिए।
दया और परोपकार