हीरा परा बजार में, रहा छार लिपटाइ।
बहुतक मूरख चलि गये, पारिख लिया उठाइ॥
हीरा बाजार में धूल से लिपटा पड़ा रहा। बहुत-से मूर्ख उसे लाँघकर चले गए, पर पारखी ने पहचानकर उठा लिया। योग्यता पहचानने वाला विरला होता है।
ज्ञान और विवेक