कहता तो बहुत मिला, गहता मिला न कोय।
सो कहता वह जान दे, जो नहिं गहता होय॥
कहने वाले तो बहुत मिले, पर ग्रहण करने वाला कोई नहीं मिला। ऐसे कहने वाले को जाने दो जो स्वयं अपनी कही बात को ग्रहण नहीं करता। उपदेश देना सरल है, जीना कठिन।
उपदेश और चेतावनी