पहुँचेंगे तब कहैंगें, उमड़ैंगे उस ठाईं।
आजहूँ बेरा समंद में, बोलि बिगूपैं काई॥
वहाँ पहुँचकर ही कुछ कहेंगे, उसी स्थान पर उमड़ेंगे। अभी तो नाव समुद्र के बीच में है—अभी से बड़बोलापन करके क्यों उलझें? सिद्धि से पहले घोषणा नहीं करनी चाहिए।
उपदेश और चेतावनी