या दुनियाँ में आ कर, छाँड़ि देय तू ऐंठ।
लेना हो सो लेइ ले, उठी जात है पैंठ॥
इस दुनिया में आकर अपनी अकड़ छोड़ दे। जो लेना है ले ले, क्योंकि यह बाजार उठने ही वाला है। जीवन का मेला जल्दी समाप्त हो जाता है।
उपदेश और चेतावनी